आज फिर याद आया

अकेले होने का एहसास क्या होता है,

आज फिर याद आया |

वो सख्श जो सालो पहले छोड़ गया था,

आज फिर पास आया ।

उसकी यादें तो हमेशा से दिल मैं हि थी,

बस उसे फिर से कुरेदनें का लमहा

आज फिर रास आया ।

इन दोस्तों में, इनके प्यार में

ना जाने क्यूँ खो सी गई थी मैं

अकेलापन क्या होता है भूल सी गई थी मैं

पता न था, ये एहसास यूँ दबा रह जायेगा

कि जब कोई ना हो साथ, ये अपना जाल बिछाएगा ।

खैर छोडो अब तो इसकी आदत सी

इस दिल को हो गई है

जेसे ये साल गुज़रे, ये लमहा भी गुज़र जायेगा ।

मगर...

एक बात यूँ चुभ सी रही है इस दिल को

क्यूँ, जब निभाना नहीं आता तो वादें कर जातें हैं लोग

क्यूँ, जब ख़ुश रखना नहीं आता तो एक एहसास दे जातें हैं लोग ।

बहुत पहले सीखा हुआ एक अंजाम याद आया

अकेलेपन का एहसास क्या होता है

आज फिर याद आया ।

#bebits

penit.ink 5
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