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नशे

नशे और भी है ज़िन्दगी में, तेरे इश्क में ही क्यो मरूं।

जाम जब तक सिरहाने हो, तुझे क्यो याद करू।

कातिब हूँ, मैकश नहीं|


झूठा लिबास ओढ़े अंजुमन में सब है।
इश्क में तो मैं भी बादाकश हैं।

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2 Comments

  • Thanks sir

  • Waah..

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