परी
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।।जो अगर तू है,तो परी जैसी हो
मेरे हर खूबसूरत ख्वाब के किरदार जैसी हो, मेरी हर,भूलकर हुई भूल जैसी हो,
जो तू चले तो, घुंघरू का संगीत हो
जो तू रूठे तो, दुनिया बेवजह सी हो
मेरी हर कविता में तेरी तब्दीली हो,
अगर नब्ज़ थमे, तब भी तू अमर हो।।

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2 Comments

  • Thanks

  • nice one..

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