SHARMA

POETRY DIWAS!!

1 year ago 190 0

जो साथ तो जलसा और बिखरे तो बेजानशायद कागज़-कलम सा ही रिश्ता है तुमसेबेह [...]

मशहूरियत

1 year ago 325 0

ज़हनीयत पर शक़ लाज़मी नहीं जनाब,कभी बैठो आशिकों की महफिल में तो सुननाह [...]

KI BINA TERE, MERI ZINDAGI ADHI HAI!

1 year ago 486 0

Arsaho gya sath me tereSmjh paya ya nhi ye smjhna baki hPar itna zaroor smjh gya hu abtkKi bina tere zi [...]